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चेन्नई
 तमिलनाडु में छात्रों के राजनीतिक प्रदर्शनों में शामिल होने को लेकर विजय सरकार ने अपना फैसला पलट दिया है. सरकार ने 14 अगस्त को जारी उस आदेश को वापस ले लिया है, जिसमें छात्रों को कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP और लेफ्ट पार्टियों की ओर से आयोजित प्रदर्शनों में शामिल होने से रोकने के निर्देश दिए गए थे l  

तमिलनाडु सरकार के शिक्षा विभाग की ज्वाइंट डायरेक्टर सिंथिया सेल्वी ने आजतक से इसकी पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि 14 अगस्त को जारी आदेश को बुधवार यानी 19 अगस्त को वापस ले लिया गया है. यानी अब छात्रों को राजनीतिक प्रदर्शनों से दूर रखने वाला यह निर्देश लागू नहीं रहेगा l

दरअसल, 14 अगस्त को सभी यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार को एक आदेश भेजा गया था. इसमें स्कूल और कॉलेज के छात्रों को राजनीतिक प्रदर्शनों में शामिल होने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया था. स्कूल शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन को मिलकर इस पर नजर रखने के निर्देश दिए गए थे l

CJP ने छात्र को बैन किए जाने के आदेश का विरोध किया था
आदेश सामने आने के बाद CJP ने इसका विरोध किया था. पार्टी ने इसे “गैर-संवैधानिक” बताया था और सरकार से इसे तुरंत वापस लेने की मांग की थी. CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा था, “कोई भी सरकार किसी व्यक्ति के विरोध करने के अधिकार पर रोक नहीं लगा सकती.” उन्होंने कहा था कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना हर व्यक्ति का अधिकार है l

विरोध के बाद विजय सरकार ने बदले रुख
यह पूरा विवाद ऐसे समय शुरू हुआ था, जब तमिलनाडु में NEET को लेकर प्रदर्शन चल रहे हैं. CJP और लेफ्ट से जुड़े छात्र संगठन NEET को खत्म करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. ऐसे में छात्रों को इन प्रदर्शनों से दूर रखने का सरकार का आदेश राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया था l

हालांकि, अब आदेश वापस लिए जाने के बाद सरकार ने अपना रुख बदल दिया है. खास बात यह भी है कि इससे पहले विजय सरकार ने एंटी-NEET प्रदर्शनों के दौरान छात्रों पर दर्ज पुराने पुलिस केस वापस लेने का निर्देश दिया था. ऐसे में नया फैसला सरकार के छात्रों से जुड़े प्रदर्शन को लेकर बदले रुख के तौर पर देखा जा रहा है l