Jodhpur: Congress protests against smart metersJodhpur: Congress protests against smart meters

स्मार्ट मिटरों से निजी कंपनियों को पहुंचेगा फायदा”

जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने का लगाया आरोप

जोधपुर: स्मार्ट मीटरों के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन

राज्य में बिजली उपभोक्ताओं पर स्मार्ट मीटर थोपे जाने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सोमवार को जोधपुर जिले के फलोदी में स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर कांग्रेस सड़क पर उतर आई… कांग्रेस नेताओं के नेतृत्व में बड़ी संख्या में नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन किया और राज्य सरकार पर बिना जन सहमति के स्मार्ट मीटर लगाने का आरोप लगाया।

प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे कांग्रेस नेता प्रकाश छंगाणी ने कहा कि, सरकार उपभोक्ताओं से बिना पूछे घरों में स्मार्ट मीटर लगवा रही है, जिससे आम जनता की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि, यह कदम उपभोक्ताओं के साथ अन्याय है और इसका हम हर स्तर पर विरोध करेंगे।

विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुंभ सिंह पातावत और पूर्व उपाध्यक्ष सलीम नागौरी भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटरों के जरिए राज्य सरकार निजी कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचा रही है, जबकि उपभोक्ता बढ़ते बिजली बिलों के बोझ से परेशान हैं।

नेताओं का आरोप है कि, स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में 15 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह योजना केवल जनता से पैसा वसूलने के उद्देश्य से चलाई जा रही है।
प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम ज्ञापन सौंपा। साथ ही विद्युत मंत्री के नाम अधीक्षण अभियंता, फलोदी को ज्ञापन देते हुए यह मांग की गई कि जब पुराने मीटर ठीक से कार्य कर रहे हैं, तो उन्हें हटाने का कोई औचित्य नहीं बनता। ऐसे में स्मार्ट मीटर लगाने की योजना को तत्काल रोका जाए।

इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी शामिल हुए। इनमें एडवोकेट श्रीगोपाल व्यास, पूर्व पार्षद सत्यनारायण गुचिया, अशोक व्यास, प्रदीप भार्गव, एडवोकेट भंवरलाल जोशी, वंदना बोहरा, नीरु परिहार, महेश आचार्य, गोरधन जयपाल, लीलाधर कन्नौजिया, हितेश छंगाणी, नटवर शर्मा और झनकारी देवी सोनी सहित सैकड़ों लोगों ने भाग लिया।

प्रदर्शन के दौरान मौजूद एडवोकेट श्रीगोपाल व्यास ने कहा कि यह केवल मीटर बदलने का मामला नहीं है, बल्कि उपभोक्ताओं के अधिकारों को दरकिनार करने का प्रयास है। सरकार को यह समझना होगा कि जनता कोई प्रयोगशाला नहीं है, जहां बिना पूछे नई तकनीकें लागू कर दी जाएं।

वहीं सत्यनारायण गुचिया ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने इस योजना पर रोक नहीं लगाई, तो कांग्रेस और आम नागरिक मिलकर पूरे राज्य में उग्र आंदोलन छेड़ेंगे। उन्होंने कहा कि यह केवल फलोदी या जोधपुर की समस्या नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं का मामला है।

कांग्रेस नेताओं ने सरकार से आग्रह किया है कि वह जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस योजना को तत्काल प्रभाव से रोके और एक पारदर्शी प्रक्रिया अपनाए, जिसमें उपभोक्ताओं की सहमति के बिना कोई भी निर्णय न लिया जाए।
फिलहाल, राज्य सरकार की ओर से इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन विरोध की तीव्रता को देखते हुए आने वाले दिनों में यह मामला और बड़ा रूप ले सकता है।