राजस्थान

‘जीतें तो EVM सही, हारें तो सवाल’: कोटा में CM भजनलाल का कांग्रेस पर बड़ा हमला, राहुल गांधी से लेकर SIR तक जमकर घेरा

Rajasthan Politics News: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कोटा से कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। बीजेपी की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा और जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर चुनाव परिणामों को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जहां चुनाव जीतती है, वहां EVM और लोकतंत्र सब ठीक दिखाई देते हैं, लेकिन हारते ही चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने लगती है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 1975 के आपातकाल, राहुल गांधी की विदेश यात्राओं, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार के कामकाज को लेकर भी कांग्रेस को निशाने पर लिया।

कोटा से कांग्रेस पर बरसे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
राजस्थान के कोटा में शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को बीजेपी की ओर से ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत पदयात्रा और जनसभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हिस्सा लिया और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र जनता की ताकत और संविधान पर आधारित व्यवस्था है। इसमें चुनाव जीतना और हारना दोनों स्वाभाविक प्रक्रियाएं हैं, लेकिन राजनीतिक दलों को परिणामों को स्वीकार करने के साथ लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान भी करना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक सुविधा के अनुसार लोकतंत्र और संविधान की व्याख्या करती है। सत्ता में रहने के दौरान उसका रवैया अलग होता है, जबकि विपक्ष में आते ही वह लोकतंत्र पर खतरे की बात करने लगती है।

‘जीतते हैं तो EVM ठीक, हारते हैं तो गड़बड़ी’
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के भाषण का प्रमुख मुद्दा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी EVM और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली रहा।

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जहां पार्टी को चुनाव में जीत मिलती है, वहां उसे EVM में कोई समस्या दिखाई नहीं देती, लेकिन हारने पर उसी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए जाते हैं।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावी हार के लिए अपनी राजनीतिक रणनीति की समीक्षा करने के बजाय चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश करती है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी फैसले से असहमति जताने और सुधार की मांग करने का अधिकार सभी को है, लेकिन आरोप तथ्यों और प्रमाणों पर आधारित होने चाहिए।

राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर भी कसा तंज
मुख्यमंत्री ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की राजनीतिक कार्यशैली पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के कार्यकर्ता पूरे साल जनता के बीच रहकर काम करते हैं, जबकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जनता के बीच सक्रिय रहने के बजाय विदेश यात्राओं में व्यस्त रहते हैं।

भजनलाल शर्मा ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल के लिए जनता से सीधा संवाद और उनकी समस्याओं को समझना जरूरी है।

हालांकि, राहुल गांधी की विदेश यात्राओं और जनता के बीच उनकी सक्रियता को लेकर मुख्यमंत्री की टिप्पणियां राजनीतिक आरोप हैं। इनसे कांग्रेस की वास्तविक संगठनात्मक गतिविधियों का स्वतंत्र आकलन नहीं किया जा सकता।

आपातकाल का जिक्र कर कांग्रेस से पूछे सवाल
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की बात करती है, लेकिन देश को उस दौर को भी याद रखना चाहिए जब आपातकाल के दौरान नागरिक स्वतंत्रताओं पर प्रतिबंध लगाए गए थे।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि आपातकाल के दौरान कई परिवारों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोकतंत्र सेनानियों को जेल जाना पड़ा और उनके व्यक्तिगत जीवन पर भी असर पड़ा।

उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि उस समय लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक मर्यादाओं का कितना सम्मान किया गया था।

गौरतलब है कि भारत में 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक आपातकाल लागू रहा था। यह भारतीय राजनीतिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण और विवादास्पद दौर माना जाता है।

SIR पर बोले CM भजनलाल, आपत्ति है तो सबूत पेश करें
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की आलोचना की।

उन्होंने कहा कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध और विश्वसनीय बनाना है, ताकि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।

मुख्यमंत्री के अनुसार, यदि किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति को इस प्रक्रिया से आपत्ति है, तो उसे संबंधित निर्वाचन अधिकारी या न्यायालय के सामने प्रमाणों के साथ अपनी बात रखनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि मतदाता सूची में किसी व्यक्ति का नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया कानून के तहत निर्धारित अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र में आती है।

हालांकि, SIR को लेकर विपक्ष की ओर से पात्र मतदाताओं के नाम हटने की आशंका और प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़े सवाल उठाए जाते रहे हैं। ऐसे मुद्दों का समाधान निर्वाचन नियमों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होना आवश्यक है।

अशोक गहलोत सरकार पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पिछली कांग्रेस सरकार के कामकाज पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के दौरान आंतरिक राजनीतिक संकट के कारण कई नेता लंबे समय तक होटलों में रहे, जिससे शासन व्यवस्था प्रभावित हुई।

मुख्यमंत्री ने पंचायत और निकाय चुनावों में हुई देरी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में चुनाव प्रक्रिया में देरी के कारण जनता के धन और समय का नुकसान हुआ।

भजनलाल शर्मा ने अपनी सरकार की ‘वन स्टेट-वन इलेक्शन’ पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि राजस्थान में स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने दावा किया कि बीजेपी सरकार प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दे रही है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का भी किया दावा
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के भ्रष्टाचार विरोधी कदमों का जिक्र करते हुए कहा कि राजस्थान में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं के मामलों में कार्रवाई की गई है।

उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार के कार्यकाल में 265 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित किया गया है, जबकि करीब 700 कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतना चाहती।

ये आंकड़े मुख्यमंत्री के सार्वजनिक दावों पर आधारित हैं। संबंधित मामलों में अंतिम दोषसिद्धि या विभागीय निष्कर्ष की स्थिति अलग-अलग हो सकती है।

मोदी सरकार की योजनाओं का भी किया जिक्र
कांग्रेस पर राजनीतिक हमला करने के साथ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की योजनाओं को भी गिनाया।

उन्होंने प्रधानमंत्री जनधन योजना, स्वच्छ भारत मिशन, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार का लक्ष्य गरीबों, किसानों, महिलाओं और समाज के वंचित वर्गों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी जनता तक पहुंचाएं तथा विपक्ष के आरोपों का तथ्यों के साथ जवाब दें।

राजस्थान की राजनीति में EVM और SIR पर बढ़ी बहस
कोटा में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बयान के बाद एक बार फिर EVM, SIR और संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गई है।

बीजेपी जहां चुनावी प्रक्रियाओं पर विपक्ष के सवालों को राजनीतिक आरोपों के रूप में प्रस्तुत कर रही है, वहीं विपक्ष चुनावी पारदर्शिता और मतदाता अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठा रहा है।

लोकतंत्र में चुनाव परिणामों की स्वीकार्यता के साथ चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में राजनीतिक आरोपों के बीच तथ्यात्मक जांच, कानूनी प्रक्रिया और निर्वाचन संस्थाओं की जवाबदेही की भूमिका अहम बनी रहती है।

कोटा की जनसभा से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट कर दिया कि बीजेपी आने वाले समय में कांग्रेस के EVM और SIR संबंधी आरोपों का राजनीतिक स्तर पर जवाब देने की रणनीति अपना रही है।

Deepak Arora

दीपक अरोड़ा एक मीडिया उद्यमी, डिजिटल रणनीतिकार और लेखक हैं। "दीपक की कलम से" के माध्यम से वे राजनीति, समाज, शिक्षा, मीडिया और समसामयिक मुद्दों पर अपने विचार और विश्लेषण पाठकों तक पहुँचाते हैं। उनकी लेखनी का उद्देश्य जागरूकता, संवाद और सकारात्मक सामाजिक चिंतन को बढ़ावा देना है।

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