कैबिनेट मंत्री राजभर की सपा को दो टूककैबिनेट मंत्री राजभर की सपा को दो टूक

कैबिनेट मंत्री राजभर की सपा को दो टूक

कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर मंगलवार को सिधारी के पल्हनी में पार्टी के संगठन मंत्री चंद्रजीत राजभर के भाई के निधन के बाद उन्हें सांत्वना देने पहुंचे जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि, सपा मुसलमानों की हितैषी नहीं है। सपा को 18 प्रतिशत वोट मुस्लमान से मिलते हैं, लेकिन आश्चर्य की बात ये है कि, सपा प्रमुख अखिलेश यादव मुसलमान को केवल वोट बैंक के रूप में देखते हैं और मुसलमान सपा पार्टी से इतना इन्फल्यूएंस है कि, वो सपा बसपा और कांग्रेस के एजेंडें को ना समझकर केवल नफरत की बात करते है

यहां का मुसलमान वर्ग सपा यानि अखिलेश यादव की साइकिल के पीछे कैरियर पर बैठने का काम करते हैं और सड़क के बीच चलते हुए गड्ढों में जिसे दर्द होता है वो मुसलमान वर्ग ही है। आजमगढ़ में राजभर ने कहा कि, मुसलमान सपा के गुलाम है और ये लोग हक, शिक्षा, स्वास्थ्य और अमन चैन की बात करना बिल्कुल नहीं जानते है।

वहीं उन्होंने इस अवसर पर सपा पर तंज कसते हुए कहा कि, वैसे तो 2027 में सरकार बनाना उनके लिए शायद संभव ना हो लेकिन अगर 2027 में आपकी सरकार बनती है.. तो अखिलेश इस बार साइकिल चलाने के बजाय उसके पीछे कैरियर पर बैठे ताकि उन्हें भी मुसलमानों का दर्द समझ आए।

राजभर ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि, सपा के समय में कम से कम प्रदेश में 800 दंगे हुए हैं, लेकिन आज सिर्फ और सिर्फ देश की जनता और प्रदेश की जनता विकास चाहती है।

 

वही उन्होंने सपा पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि, पार्टी का चश्मा हटाकर देखिए, हर क्षेत्र में विकास हो रहा है। मैं चार महीने से आजमगढ़ जिले के दौरे पर आ रहा हूं। देश की आज़ादी के बाद शैक्षिक स्तर में सुधार हुआ है। पहली बार मुसलमानों के 51 बच्चे IAS बने हैं।

ये काम कांग्रेस, सपा, बसपा भी कर सकती थीं, लेकिन इन लोगों ने नहीं किया। लोग मुसलमानों को सिखाते हैं कि, भाजपा मुसलमानों की दुश्मन है। अगर भाजपा मुसलमानों की दुश्मन होती, तो इतने सारे बच्चे IAS की परीक्षा कैसे पास कर पाते? केंद्र और प्रदेश की सारी योजनाएं किसी जाति या मजहब के लिए नहीं बन रही हैं, बल्कि सभी लोगों के लिए बनाई जा रही हैं।

वही इमरजेंसी के 50 साल पूरे होने पर राजभर ने कहा कि, कांग्रेस ने इमरजेंसी लगाकर लोकतंत्र की हत्या कर दी थी। नेताओं और पत्रकारों को जेल में डालने का काम किया गया। कांग्रेस ने पूरी तरह से तानाशाही कर दी थी। संविधान की धज्जियां उड़ाई गई थीं।

 

इतना ही नहीं सपा से तीन विधायकों के निकाले जाने पर राजभर ने कहा कि, वे लोग तो डेढ़ साल पहले ही निकल गए थे। प्रचार में दिखाने के लिए अभी तीन को निकाला गया है। एक-दो महीने बाद फिर कुछ लोगों को निकालेंगे। ये सब सिर्फ प्रचार के लिए किया जा रहा है। कहने का मतलब साफ है कि, सपा पार्टी सिर्फ प्रचार के लिए ये सब पैतरे अपना रही है ताकि चुनाव में उनके वोट बढे क्योंकि इन पार्टिय़ों का काम सिर्फ वोट बढ़ाना है ना कि लोगो का विकास करना।

वही भाजपा के विधायक पुलिस और राजस्व अधिकारियों पर हमले पर राजभर ने कहा कि, छिटपुट घटनाएं अगर हो रही हैं, तो हम इसकी निंदा करते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए।

राजभर ने इटावा में ब्राह्मणों द्वारा यादव कथावाचक की चोटी काटने पर कहा कि, ये घटना काफी दुखद है। हम इसकी निंदा करते हैं। कानून किसी को अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए। जिन लोगों ने ऐसा किया, उनके खिलाफ कार्रवाई हो रही है। FIR दर्ज हो गई है, गिरफ्तारी भी हो चुकी है। अन्य की तलाश में दबिश दी जा रही है।

राजभर ने मीडियकर्मियों से बातचीत में सभी मुद्दों पर अपनी राय रखी और मुसलमान वर्ग के दर्द को समझते हुए सपा को उनके हित में काम करने की सलाह दी है साथ ही उन्होंने अन्य पार्टियों को संदेश दिया है कि नफरत फैलाने की जगह विकास पर अपना ध्यान केंद्रित करें।