कांवड़ यात्रा में कई जगहों पर हुआ हुंगामा
पवित्र श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही कांवड़ यात्रा का माहौल तैयार हो चुका है। आज यानी 11 जुलाई से हरिद्वार से आधिकारिक रूप से कांवड़ यात्रा की शुरुआत हो रही है, लेकिन उससे पहले ही हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में कांवड़ियों के उपद्रव और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे प्रशासन और आमजन में चिंता का माहौल बन गया है।
गुरुवार को हरिद्वार में अलग-अलग स्थानों पर तीन घटनाओं में कांवड़ियों ने वाहनों में तोड़फोड़ की, जिन पर आरोप है कि उन्होंने उनकी कांवड़ को खंडित किया। इन घटनाओं के चलते सड़कों पर जाम लग गया और पुलिस को स्थिति संभालने में खासी मशक्कत करनी पड़ी।
एक घटना में, कोर कॉलेज के पास एक कांवड़िए को किसी वाहन ने हल्की टक्कर मार दी। इस मामूली घटना के बाद ही कांवड़ियों का गुस्सा भड़क उठा। उनके साथियों ने मौके पर हंगामा शुरू कर दिया और सड़क को पूरी तरह से जाम कर दिया। स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और काफी समझाइश के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने कांवड़ियों से अपील की कि वे संयम बनाए रखें और यात्रा शांतिपूर्ण तरीके से पूरी करें।
पहली घटना के कुछ ही समय बाद पतंजलि योगपीठ के पास एक अन्य वाहन को लेकर कांवड़ियों ने बवाल मचा दिया। आरोप था कि, उस वाहन ने उनकी कांवड़ को क्षति पहुंचाई है। इसके बाद वहां मौजूद कांवड़ियों ने उस वाहन में तोड़फोड़ कर दी। इस दौरान कुछ स्थानीय लोग भी बीच-बचाव के लिए आगे आए, लेकिन भीड़ ने किसी की नहीं सुनी।
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, हंगामे के दौरान कुछ कांवड़ियों ने पुलिस के साथ भी धक्का-मुक्की की। हालांकि, किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है।
सबसे चौंकाने वाली घटना हरिद्वार के रुड़की क्षेत्र से सामने आई है, जहां कांवड़ियों का गुस्सा एक “प्रशासन” लिखी स्कॉर्पियो गाड़ी पर फूट पड़ा। वायरल हो रहे एक वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ कांवड़िए स्कॉर्पियो वाहन के शीशे तोड़ते हुए नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस गाड़ी ने एक कांवड़िए की कांवड़ को मामूली रूप से छू लिया था, जिसके बाद कांवड़िए बेकाबू हो गए।
मौके पर पहुंची पुलिस कांवड़ यात्राने कड़ी कार्रवाई करते हुए कई कांवड़ियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी, चाहे वह श्रद्धालु ही क्यों न हो।
हरिद्वार जिला प्रशासन और उत्तराखंड पुलिस ने इन घटनाओं को गंभीरता से लिया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने साफ कहा है कि कांवड़ यात्रा की पवित्रता को बनाए रखने के लिए कड़ी निगरानी रखी जाएगी और उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हरिद्वार के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से एक प्रेस बयान जारी कर कहा है कि, “कांवड़ यात्रा धार्मिक आस्था का विषय है, लेकिन किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। सभी पुलिस थानों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।”
प्रशासन ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और पोस्ट पर भी नजर बनाए रखी है। अफवाह फैलाने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर भारत के कई राज्यों से लाखों कांवड़िए हरिद्वार, गंगोत्री और गौमुख से गंगाजल लाकर अपने-अपने शिव मंदिरों में जलाभिषेक करते हैं। यह यात्रा आस्था और श्रद्धा का पर्व मानी जाती है। लेकिन बीते कुछ वर्षों से इसमें कहीं-कहीं हुड़दंग और उपद्रव की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे इसकी पवित्रता पर सवाल खड़े होते हैं।
प्रशासन का प्रयास है कि यह यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो, लेकिन शुरुआती घटनाओं ने चिंता जरूर बढ़ा दी है।

