उत्तराखंड: खटीमा को केंद्रीय विद्यालय की सौगात
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को खटीमा में ₹26.23 करोड़ की लागत से बने केंद्रीय विद्यालय का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दर्शाई। अखिल भारतीय शिक्षा समागम के अंतर्गत आयोजित इस समारोह में मुख्यमंत्री ने खटीमा के लोगों को शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सौगात दी और इसे ज्ञान एवं विज्ञान के एक नए युग की शुरुआत बताया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “यह हम सभी के लिए गर्व और हर्ष का क्षण है कि देश में शिक्षा के क्षेत्र में आई नई क्रांति के पांच वर्ष पूरे होने पर खटीमा को केंद्रीय विद्यालय की सौगात मिली है। यह विद्यालय आने वाले समय में इस क्षेत्र के बच्चों के भविष्य को नई दिशा देने का कार्य करेगा।”
उन्होंने कहा कि केंद्रीय विद्यालय की स्थापना सेना, अर्धसैनिक बलों व सरकारी कर्मचारियों के बच्चों के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगी। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “यदि मेरे छात्र जीवन में खटीमा में केंद्रीय विद्यालय होता, तो मैं भी उसका हिस्सा होता।” धामी ने बताया कि विधायक रहते हुए उन्होंने इस विद्यालय की स्थापना के लिए निरंतर प्रयास किए और अब उसका सपना साकार हुआ है।
मुख्यमंत्री ने खटीमा वासियों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उनके प्रयासों से खटीमा जैसे सीमांत क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की नींव रखी गई है, जिससे स्थानीय बच्चों को बाहर पलायन नहीं करना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2020 में लागू हुई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) से देश की शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव आए हैं। उन्होंने कहा, “इस नीति के तहत बच्चों को रोजगारपरक शिक्षा मिल रही है, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफलता मिल रही है। शोध और अनुसंधान को बढ़ावा देकर वैज्ञानिक सोच विकसित की जा रही है।” उन्होंने यह भी बताया कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने नई शिक्षा नीति को लागू किया और प्रदेश के 5600 से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों में बालवाटिकाएं शुरू की गई हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने खटीमा को “अपना घर” बताते हुए कहा कि यह वही भूमि है जहां से उन्होंने जनसेवा की यात्रा आरंभ की थी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने खटीमा में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें हाईटेक बस स्टैंड, आधुनिक आईटीआई, पॉलीटेक्निक कॉलेज, 100 बेड का अस्पताल परिसर और राष्ट्रीय स्तर का खेल स्टेडियम शामिल हैं।
इसके अलावा क्षेत्र की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए गदरपुर-खटीमा बाईपास और नौसर पुल का निर्माण कराया गया है, साथ ही सड़कों का जाल भी बिछाया गया है।
राजकीय महाविद्यालय खटीमा में एमकॉम और एमएससी कक्षाओं की शुरुआत की गई है, जिससे उच्च शिक्षा की ओर भी रास्ता खुला है। साथ ही जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र में एकलव्य विद्यालय की स्थापना कर समाज के कमजोर वर्गों को शैक्षिक अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने दंगारोधी और धर्मांतरण विरोधी कड़े कानून लागू किए हैं। राज्य में 6,500 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। साथ ही 200 से अधिक अवैध मदरसों को सील किया गया और 500 से अधिक अवैध संरचनाएं हटाई गईं। उन्होंने “ऑपरेशन कालनेमि” की भी चर्चा की, जिसके अंतर्गत सनातन धर्म को बदनाम करने वाले पाखंडियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है जहां समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 23,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है और बीते वर्ष में बेरोजगारी दर में 4.4% की गिरावट दर्ज की गई है।
धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। पिछले तीन वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्ट अधिकारियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि “हम उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने विकल्प रहित संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

