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वॉशिंगटन
ईरान के खिलाफ अमेरिका का साथ देने वाले सऊदी अरब ने डोनाल्ड ट्रंप को सलाह दी है कि वह युद्ध को ज्यादा ना बढ़ाएं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर बड़े हमले का प्लान कैंसल कर दिया है।सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने वाइट हाउस से कहा था कि ईरान में संकट और बड़ा करने की जरूरत नहीं है। हालांकि वाइट हाउस की तरफ से इसपर कोई प्रतिक्रिया अब तक नहीं दी गई थी। रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि अमेरिका ने ईरान पर बड़े हमले का प्लान सऊदी अरब की वजह से ही कैंसल कर दिया है।

इससे पहले क्राउन प्रिंस ने अमेरिकी राष्ट्रपति पर फोन पर बात की थी और पूछा था कि आखिर ईरान पर कितना बड़ा हमला करने का वह प्लान बना रहे हैं। इस सप्ताह अमेरिका और सऊदी अरब ने मिलकर ईरान के कई ठिकानों पर हमले किए थे। इसके अलावा क्राउन प्रिंस ने अपने भाई और रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान को वॉशइंगटन भेजा था। उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से मुलाकात की है।

अमेरिका ने अपने नागरिकों को जारी कर दी चेतावनी
ईरान के साथ बढञते तनाव के बीच अमेरिका ने पश्चिम एशिया से अपने नागरिकों को निकलने की चेतावनी जारी कर दी है। यरुशलम और पश्चिम एशिया के विभिन्न देशों की राजधानियों में स्थित अमेरिकी दूतावासों ने एक जैसे सुरक्षा अलर्ट जारी किए, जिसमें अमेरिकी नागरिकों को पश्चिम एशिया में यात्रा करने को लेकर चेतावनी दी गई।

बता दें कि पिछले पांच महीने से अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी चरम पर है। अब होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर दोनों देश आमने-सामने हैं। वाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने ईरान पर अमेरिका के साथ हुए युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तेहरान ने पिछले महीने अमेरिका के साथ युद्धविराम संबंधी एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन इसके तुरंत बाद उसने उसे तोड़ दिया, वाणिज्यिक जहाजों पर हमला किया और अमेरिकी सैनिकों की हत्या की।

लेविट ने शुक्रवार शाम एक बयान में कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप इस तरह की आतंकवादी हरकत बर्दाश्त नहीं करेंगे। जब तक ईरान राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार सार्थक तरीके से बातचीत की मेज पर नहीं आता, तब तक उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।’ इस बीच कुवैत की सेना ने शनिवार को कहा कि उसके बल उन ड्रोन हमलों का जवाब दे रहे हैं, जो देश पर ईरान के हमलों का ही हिस्सा थे।