आगरा: मगरमच्छ ने किसान पर किया जानलेवा हमलाआगरा: मगरमच्छ ने किसान पर किया जानलेवा हमला

आगरा: मगरमच्छ ने किसान पर किया जानलेवा हमला, बिना डरे-घबराए मगरमच्छ से भिड़ गया किसान का बेटा, बेटे ने मगरमच्छ के हमले से अपने पिता को बचाया

क्या आपने सुना है कि, एक मासूम बच्चा मगरमच्छ से भिड़ गया हो…. नहीं सुना होगा, लेकिन ऐसा उत्तर प्रदेश के आगरा में हुआ है… आगरा में चंबल नदी किनारे अपने पिता की जान बचाने के लिए एक 10 साल का बच्चा मगरमच्छ से भिड़ गया… मगरमच्छ ने बच्चे के पिता के पैर को दबा लिया और नदी में खींचने लगा, तब बच्चे ने बिना डरे-बिना घबराए गजब का साहस दिखाया और पिता को बचाने की खातिर मगरमच्छ से भिड़ जाने का फैसला किया.

ये पूरा मामला जिले के बासौनी के गांव झरनापुरा हरलालपुर के पास चंबल नदी का है. यहां किसान वीरभान शुक्रवार दोपहर को नदी के पास अपने बेटे अजय और बेटी किरन के साथ पानी भरने गया था. किसान ने नदी के भीतर जैसे ही बोतल डुबोई, तभी पानी में छिपे मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया. मगरमच्छ किसान का पैर पकड़कर नदी में खीचने लगा. मगरमच्छ के हमले के बाद किसान चीखा.

किसान की चीख सुनकर उसके बेटा और बेटी ने भी शोर मचाया. इसी दौरान किसान के बेटे अजय ने बबूल के मोटे डंडे से मगरमच्छ पर ताबड़तोड़ प्रहार करना शुरू कर दिया. बेटे के लगातार हमलों के बाद मगरमच्छ ने उसके पिता का पैर छोड़ दिया और फिर डंडा मार रहे बच्चे पर ही हमला कर दिया. इसके बाद अजय ने किसी तरह खुद को मगरमच्छ के हमले से बचाया और भाग निकला.

इतनी देर में किसान भी नदी से निकलकर भागा… किसान पर मगरमच्छ के हमले की सूचना मिलते ही ग्रामीण भी पहुंच गए… मगरमच्छ के हमले में किसान घायल हो गया…. किसान के पैरों में मगरमच्छ के दातों से गहरा घाव हो गया. ग्रामीणों और पुलिस की सहायता से किसान को इलाज के लिए आगरा के बाह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से किसान को डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया….

वही, गांववालों ने मिलकर बच्चे के अदम्य साहस की खूब प्रशंसा की और उसकी पीठ थपथपाई। जहां आज के इस समय में लोग अपनी जान की परवाह करने से पीछे नहीं हटते वहां इस बच्चे ने अपनी जान की परवाह ना करते हुए सीधा मगरमच्छ से बैर ले लिया। इस घटना में बच्चे का पिता के प्रति अटूट प्रेम दिखाई दिया तो वही बच्चे के साहस ने वहां मौजूद सभी लोगों क दिल जीत लिया।

जहां एक ओर बच्चा अपने पिता को बचाने में सफल हुआ वही दूसरी ओर गनीमत ये भी रही कि बच्चा अपने ऊपर मगरमच्छ द्वारा किए गए हमले से भी बचा। बच्चे की चतुराई की वजह से दोनों बाप- बेटा अब सुऱक्षित है हालांकि किसान के पैर में बने घाव को भरने में कुछ समय लग सकता है लेकिन कहते है जान बची तो लाखों पाए।