पंजाब के चर्चित कमल कौर उर्फ कंचन कुमारी हत्याकांड में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। इस मामले के मुख्य आरोपी अमृतपाल सिंह मेहरो के समर्थन में अब पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों में उसे ‘इज्ज़तां दे राखे’ यानिकी इज्जत का रक्षक बताया गया है और हत्या को एक धार्मिक जिम्मेदारी जैसा रूप देने की कोशिश की गई है। इसके साथ ही उन्हें कौम का हीरा की भी संज्ञा दी गई है। ये पोस्टर लुधियाना-मालेरकोटला रोड पर स्थित प्रसिद्ध गुरुद्वारा आलमगीर साहिब के पास लगाए गए हैं और इनकी तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। पोस्टरों को देखकर पुलिस और जांच एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
अमृतपाल को ‘इज्जत का रक्षक’ और ‘कौम का हीरा’ बताया
पोस्टरों में अमृतपाल मेहरो को एक धार्मिक और सम्माननीय व्यक्ति के रूप में दिखाया गया है। लिखा है कि जो किया, इज्जत की रक्षा के लिए किया। इस तरह के शब्दों से साफ लग रहा है कि आरोपी के लिए लोगों की हमदर्दी और समर्थन जुटाने की कोशिश की जा रही है। गौरतलब है कि कंचन कुमारी की हत्या के मामले में अमृतपाल मेहरो मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड है। पुलिस के मुताबिक अमृतपाल घटना के बाद विदेश फरार हो गया है और उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया जा चुका है। बता दें कि अमृतपाल सिंह मेहरों कभी मोटरसाइकिल मेकेनिक हुआ करता था, जो इस हत्याकांड के बाद हीरो बताया जाने लगा है। अगर उसे इस तरह से समर्थन मिला तो पुलिस के लिए भी उसके खिलाफ ऐक्शन लेना मुश्किल होगा। मोगा जिले के मेहरों गांव का रहने वाले अमृतपाल सिंह का अकाल तख्त के मुख्य ग्रंथी मलकीत सिंह ने भी समर्थन किया है।
पहले मुस्लिम था फिर सिख बना अमृतपाल
फिलहाल अमृतपाल सिंह मेहरों लुधियाना की लक्ष्मण नगर कॉलोनी में रहता था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। एक पुराने इंटरव्यू में अमृतपाल ने बताया था कि वह मूल रूप से मोगा जिले का रहने वाला है। उसका जन्म एक मुस्लिम परिवार में हुआ था। उसके पिता बलजिंदर सिंह ने अमृतपान कर लिया था और वह ग्रंथी की सेवा करने लगे थे। उसके परिवार में चार अन्य चाचा थे – फुमण खां, तोता खां, बूटा खां और रूलदू खां। ये पारिवारिक पृष्ठभूमि अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा में है, क्योंकि इस मामले को धार्मिक रंग देने की कोशिशें हो रही हैं।
