Amazing, unique and supernatural These 7 temples of RishikeshAmazing, unique and supernatural These 7 temples of Rishikesh

अद्भुत, अद्वितीय और अलौकिक
 ऋषिकेश के ये 7 मंदिर

उत्तराखंड की गोद में बसा…. अद्‌भुत, अ‌द्वितीय, एवं अलौकिक… ऋषिकेश… खुद में प्राचीन और धार्मिक सभ्यता को संमेटे हुए है। ये शहर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक स्थलों, गंगा आरती, योग समेत कई चीजों के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है।

यहां कल-कल करती मां गंगा और मनमोहक वादियों के साथ-साथ प्रसिद्ध मंदिर भी स्थापित हैं… जिनके दर्शन करने दुनिया भर से लोग आते हैं… सबसे पहले बात करें, नीलकंठ महादेव मंदिर की…

नीलकंठ महादेव मंदिर

यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और ऋषिकेश से थोड़ी दूर, पौड़ी गढ़वाल में स्थित है. माना जाता है कि, यहां भगवान शिव ने समुद्र मंथन के समय निकले विष को पिया था, जिससे उनका गला नीला हो गया. इसी वजह से इस मंदिर का नाम नीलकंठ पड़ा. यहां लोग गंगाजल चढ़ाकर पूजा करते हैं.

तेरह मंजिल मंदिर

इस मंदिर को त्र्यंबकेश्वर मंदिर भी कहते हैं. यह लक्ष्मण झूला के पास है और इसमें कुल 13 मंजिलें हैं. मंदिर से गंगा नदी और आसपास की पहाड़ियों का बहुत ही सुंदर नजारा दिखता है.

त्रिवेणी घाट

त्रिवेणी घाट ऋषिकेश का एक पवित्र और बहुत ही प्रसिद्ध घाट है, जहां हर शाम भव्य गंगा आरती होती है. ‘त्रिवेणी’ शब्द का मतलब होता है तीन नदियों का संगम गंगा, यमुना और सरस्वती. ऐसा माना जाता है कि ये तीनों नदियां यहां मिलती हैं. यह घाट बहुत ही शांत और सुंदर जगह है, जहां बैठकर लोग ध्यान लगाते हैं, पूजा करते हैं और गंगा में डुबकी लगाते हैं. यह ऋषिकेश के सबसे प्रमुख और जरूरी घूमने वाले स्थानों में से एक है.

भारत मंदिर

यह ऋषिकेश का सबसे पुराना मंदिर है जो भगवान विष्णु को समर्पित है. कहा जाता है कि 789 ईस्वी में आदि शंकराचार्य जी ने नवासी यहां फिर से मूर्ति की स्थापना की थी. यह मंदिर धार्मिक और ऐतिहासिक दोनों नजरिए से बहुत खास है.

मनसा देवी मंदिर

यह मंदिर हरिद्वार में स्थित है और माता मनसा देवी को समर्पित है. यह मंदिर एक पहाड़ी पर है और यहां रोपवे से भी जाया जा सकता है, ऐसा माना जाता है कि जो भी भक्त यहां सच्चे मन से मन्नत मांगता है, उसकी इच्छा जरूर पूरी होती है.

चंडी देवी मंदिर

यह मंदिर भी हरिद्‌वार में है और नील पर्वत की ऊंचाई पर स्थित है. माना जाता है कि यह मंदिर करीब 1200 साल पुराना है और माता चंडी देवी को समर्पित है. यह भी एक शक्तिपीठ माना जाता

कुजापुरी देवी मंदिर

कुंजापुरी देवी मंदिर एक पवित्र और प्रसिद्ध मंदिर है जो एक ऊंची पहाड़ी पर, करीब 1676, नीटर की ऊंचाई पर स्थित है. यह मंदिर उत्तराखंड के 52 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है. मान्यता है कि सती माता की जली हुई छाती यहीं गिरी थी. यहा से बर्फ से ढके पहाड़ों जैसे स्वर्ग रोहिणी, गंगोत्री, बंदरपंच और चौखंबा की चोटियों का शानदार नजारा देखने को मिलता है. सूर्योदय और सूर्यास्त के समय यहां का दृश्य बहुत ही मनमोहक होता है.